MODI JI, INDIA ,BJP AND RSS 2024 ELECTION

कुछ माह पूर्व मैंने माननीय मोदी जी के कुंडली की विवेचना की थी । कुछ मित्रों ने आग्रह किया कि मोदी जी की कुंडली के साथ बीजेपी और आरएसएस की कुंडली और भारत के कुंडली को एकसाथ देख कर समीक्षा करें। ऐसा एक प्रयास मैंने किया है। १. मोदी जी की कुंडली – मोदी जी का लगन और राशि दोनों ही वृश्चिक है और लगनेश मंगल लगन में बैठा हैभाग्येश चंद्रमा के साथ । चंद्रमा नीच का है लेकिन नीच भंग राज योग भी बन रहा है ।भाग्येश चंद्र की दसा इनके लिए अति शुभ रहा और ये दो बार प्रधान मंत्री इसी दसा में बने । अब अभी इनका मंगल में बुध की दसा- अंतर दास चल रहा है और प्रत्यंतर भी बुध का ही है ।बुध अष्टम और एकादश का स्वामी हो कर एकादश भाव में ही स्थित है लेकिन वक्री भी है।वक्री ग्रह एक घर पीछे से भी अपना प्रभाव देते हैं।यानी बुध को हम दसम में भी मान सकते है जो प्रोफेशन,नेम फेम का घर है। इनका मंगल केंद्र में अपने घर जो लगन भी है में रूचक नाम का पंचमहापुरुष योग का निर्माण कर रहा है । वृश्चिक में मंगल बहुत ही शक्तिशाली और ऊर्जावान होता है और १८ घंटे कम करने की शक्ति इसी मंगल ने दी है। जितनी मेहनत मोदी जी चुनावों में करते हैं उस का आधा भी राजनीति के तीनों युवराज यानी राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव नहीं कर पा रहे हैं। ये है रोचक योग के लक्षण । लगना का मंगल जातक को बहुत ही निर्भीक और ज़िद्दी भी बनाता है। तो रोचक योग का मंगल जो भाग्यशाली चंद्र के साथ है अन्य दावेदारों से मोदी जी को बहुत बहुत आगे रखता है। ज़ाहिर है कि ऐसे में कोई मोदी जी के आसपास भी नहीं टिकता है। लेकिन अंतर दास और प्रत्यंतर दसा दोनों वक्री बुध का है जो अष्टम का स्वामी यानी कुंडली के सब से ख़राब घर का स्वामी भी है ।तो ये बहुत आसान भी नहीं होगा और इसीलिए इन्हें एनडीए गठबंधन में जदयू आदि से समझौता करना पड़ा है । इतना ही नहीं मोदी जी योगी जी और शाह के अलावे मास अपील वाले नेता पार्टी में ज़्यादा नहीं हैं अतः उनकी जीत सुनिश्चित करेने में उनकी पार्टी बीजेपी और आरएसएस और भारत की कुंडली से मिलने वाले सहयोग को भी देखना होगा। २- भारत की कुंडली वृष लगन की है और वर्तमान में चंद्रमा की महा दसा और शुक्र की अंतर दास चल रही है।चंद्रमा भाग्यस्थान को देख रहा और शुक्र लग्नेश है।चंद्रमा जानता का प्रतिनिधि ग्रह है और शुक्र लग्नेश और दोनों भाग्यस्थान को देख रहे हैं।शुक्र और चंद्र दोनों ही स्त्री ग्रह हैं और चंद्रमा मोदी जी का भाग्य का स्वामी है और शुक्र दशम भाव में चतुर्थेश और पंचमेश गुरु और शनि द्वारा बनाये गये राज योग में शामिल है अतः देश की महिला मतदाता के ज़्यादा वोट मोदी जी को मिलेंगे । उज्ज्वल योजना , तीन तलाक़ आदि का स्पष्ट लाभ इन्हें ही मिलेगा। ३- बीजेपी की कुंडली- बीजेपी अभी चंद्रमा की महादसा और बुध की अंतर दसा से गुजर रहा है। चंद्र अष्टम में नीच का है लेकिन ध्यान रहे कि पराशर ऋषि ने लिखा है कि तीसरे छठे में नीच के ग्रह अपवाद हैं और ये राज योग कारक हो जाते हैं और हम देख चुके हैं कि ये चंद्र मोदी जी के भाग्य का स्वामी है।बुध बीजेपी का लगनेश होकर भाग्य स्थान में बैठा है जब कि मोदी जी की कुंडली में ये लाभ स्थान में उच्च का है तो पार्टी के चल रहे दसा क्रम भी मोदी जी को मदद कर रहे हैं। ४- आरएसएस की कुंडली – आरएसएस की कुंडली का लगन धनु है और लगनेश गुरु लग्न में हंस नाम का पंचमहापुरुष योग बना रहा है और बुध दसम में उच्च का ही कर भद्रा नाम का पंच महापुरुष योग बना रहा है।फिर सूर्या और मंगल दशम में दिग़बली है। चंद्रमा राहु केतु एक्सिस पे होने से नाहक ही इस संस्था को कुछ पार्टियों ने बदनाम जार रखा है और तीन बार – १९४८, १९७५ और १९९२ में आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। वर्तमान में आरएसएस के कुंडली में शुक्र में शुक्र में गुरु की दसा है । शुक्र लभस्थान का स्वामी होकर लाभ स्थान में ही बैठा है और उच्च के शनि के साथ। कुंडली के गुरु बुध के उपरोक्त वर्णित योग धर्म और राष्ट्रवाद के प्रति आरएसएस के कमिटमेंट दर्शाता है सनी और शुक्र इसे सम्पन्न संस्था बनाता है। सर्वविदित है कि आरएसएस के लाखों कार्यकर्ता हर शहर और गाँव में जाकर बीजेपी के लिये कार्य कर रहे हैं। आरएसएस के शुक्र शुक्र मोदी जी के लिए अति शुभ है क्योंकि ये शुक्र मोदी जी की कुंडली में गुरु और शनि ( जो चतुर्थांश और पंचेश्वर हैं ) के द्वारा बन रहे राज योग में शामिल है और प्रत्यंतर गुरु मोदी जी की कुंडली में चौथे में बैठ है। मेरे गुरु आदरणीय राव साहब ने जर्नल ऑफ़ एस्ट्रोलॉजी में भारत के १५ प्रधान मंत्री के कुंडली के विश्लेषण में ये लिखा है कि पंचम भाव मंत्री का है लेकिन मंत्रियों में प्रधान मंत्री वही होगा जिनका चतुर्थ भाव भी मज़बूत है। मोदी जी की कुंडली में ऐसा ही है और यह गुरु उन्हें फिर से ये पद देगा क्यों की गोचर में सनी उनके चौथे भाव में में ही है अभी जो उसका अपना घर है और जन्म के गुरु के ऊपर शनि का गोचर शुभ होता है। गुरु का गोचर मोदी जी के सप्तम भाव पर है जो दसम से दसम होने के कारण पद प्राप्ति का भाव भी है। निष्कर्ष यह है मोदी जी अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ दसा से तो गुजर ही रहे हैं लेकिन उन्हें देश की जानता और ख़ास कर महिलाएँ ज़्यादा मदद करती दिख रही है। बीजेपी की दसायें भी उन्हें सपोर्ट कर रही और दोनों एकदूसरे के पूरक है लेकिन सबसे ज़्यादा मदद उन्हें आरएसएस से मिल रहा है। मोदी जी, भारत, बीजेपी और आरएसएस की कुंडलियाँ नीचे दी जा रही है।

MODI JI
INDIA
RSS
BJP
Share this article

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *